स्त्रियों पर अत्याचार इस ढंग से भी ज़ारी है..
क्या कहने!...आज ही सुबह अखबार में पढ़ा...हिसार के सातरोड़ क्षेत्र में रहने वाली 66 वर्षीया भतेरी देवी ने तीन बच्चों को ... तिडवा ...बच्चों को जन्म दिया! अखबार के लिए भले ही यह खबर सनसनी जगाने वाली हो!... लेकिन एक स्त्री होने के नाते मुझे यह खबर विचलित करने के लिए पर्याप्त है!
...अब देखिए!... इसी अखबार में लिखा हुआ है कि भतेरी देवी को संतान प्राप्ति शादी के बाद कुछ वर्षों तक न होने की वजह से इनके पतिदेव ने दूसरी शादी रचाई... दूसरी पत्नी को भी संतान न होने के हालात में इस पतिदेव ने तीसरी शादी रचाई... नतीज़ा फिरभी शून्य रहा !.... इसके बाद ये हुआ कि इस पति महाशय की बाद की दोनों पत्नियां इनसे अलग हो गई!... और पहली पत्नी भतेरी देवी इनके साथ रहने लगी!... यह भी हो सकता है कि अब बुढ़ापा कैसे कटेगा सोच कर ही पतिदेव ने पहली पत्नी के साथ रहना शुरू कर दिया!...
...अब 66 साल के पति- पत्नी संतान के लिए कितने आशान्वित हो सकते है? ...फिरभी देखिये भतेरी देवी का इलाज चलता रहा और नैशनल फर्टिलिटी के डॉ अनुराग मिश्र ने उन्हें इस उम्र में मातृत्व दिलाया!
.... अब इस उम्र में तीन नवजात बच्चों की ...दो बेटे और एक बेटी की ...जिम्मेदारी भतेरी देवी कैसे उठा सकती है?.... उसका शरीर क्या इस उम्र के मातृत्व के लिए तैयार हो सकता है?... उसके पतिदेव तो चलिए इस उम्र में पिता बनकर ठाठ से घुम रहे है!... क्या इस उम्रमें पिता बनने में उन्हें कोई शारीरिक कष्ट हुआ या आगे होने वाला है?... भतेरी देवी के लिए बच्चों के जन्म से ले कर... आगे भी शारीरिक कष्टों की कमी नहीं है! ... इनके पतिदेव ने क्या यह सब सोचा?
... और भी इसी सन्दर्भ में एक उदाहरण है.... जींद की 70 वर्षिया राजोदेवी ने भी इसी सेंटर से , इस उम्र में मातृत्व प्राप्त किया!....
ऐसी खबरें अखबार वाले और असंभव को संभव बनाने वाले डॉक्टरों के लिए गर्व से सिर ऊँचा करने वाली है!... लेकिन उन स्त्रियों के बारे में भी तो सोचना चाहिए जिन्हें इतनी बड़ी उम्र में माताएं बनने के लिए मजबूर किया जाता है!.... मेरी निजी राय है कि बड़ी उम्र में भी मातृत्व अगर प्रदान करना हो तो भी... स्त्री की उम्र 50से ज्यादा न हो इस बात का ख़ास ध्यान रखा जाना चाहिए और यह नेक काम एक डॉक्टर ही कर सकता है!... स्त्रियों पर इस प्रकार से होनेवाला अत्याचार रोका जा सकता है!
क्या कहने!...आज ही सुबह अखबार में पढ़ा...हिसार के सातरोड़ क्षेत्र में रहने वाली 66 वर्षीया भतेरी देवी ने तीन बच्चों को ... तिडवा ...बच्चों को जन्म दिया! अखबार के लिए भले ही यह खबर सनसनी जगाने वाली हो!... लेकिन एक स्त्री होने के नाते मुझे यह खबर विचलित करने के लिए पर्याप्त है!
...अब देखिए!... इसी अखबार में लिखा हुआ है कि भतेरी देवी को संतान प्राप्ति शादी के बाद कुछ वर्षों तक न होने की वजह से इनके पतिदेव ने दूसरी शादी रचाई... दूसरी पत्नी को भी संतान न होने के हालात में इस पतिदेव ने तीसरी शादी रचाई... नतीज़ा फिरभी शून्य रहा !.... इसके बाद ये हुआ कि इस पति महाशय की बाद की दोनों पत्नियां इनसे अलग हो गई!... और पहली पत्नी भतेरी देवी इनके साथ रहने लगी!... यह भी हो सकता है कि अब बुढ़ापा कैसे कटेगा सोच कर ही पतिदेव ने पहली पत्नी के साथ रहना शुरू कर दिया!...
...अब 66 साल के पति- पत्नी संतान के लिए कितने आशान्वित हो सकते है? ...फिरभी देखिये भतेरी देवी का इलाज चलता रहा और नैशनल फर्टिलिटी के डॉ अनुराग मिश्र ने उन्हें इस उम्र में मातृत्व दिलाया!
.... अब इस उम्र में तीन नवजात बच्चों की ...दो बेटे और एक बेटी की ...जिम्मेदारी भतेरी देवी कैसे उठा सकती है?.... उसका शरीर क्या इस उम्र के मातृत्व के लिए तैयार हो सकता है?... उसके पतिदेव तो चलिए इस उम्र में पिता बनकर ठाठ से घुम रहे है!... क्या इस उम्रमें पिता बनने में उन्हें कोई शारीरिक कष्ट हुआ या आगे होने वाला है?... भतेरी देवी के लिए बच्चों के जन्म से ले कर... आगे भी शारीरिक कष्टों की कमी नहीं है! ... इनके पतिदेव ने क्या यह सब सोचा?
... और भी इसी सन्दर्भ में एक उदाहरण है.... जींद की 70 वर्षिया राजोदेवी ने भी इसी सेंटर से , इस उम्र में मातृत्व प्राप्त किया!....
ऐसी खबरें अखबार वाले और असंभव को संभव बनाने वाले डॉक्टरों के लिए गर्व से सिर ऊँचा करने वाली है!... लेकिन उन स्त्रियों के बारे में भी तो सोचना चाहिए जिन्हें इतनी बड़ी उम्र में माताएं बनने के लिए मजबूर किया जाता है!.... मेरी निजी राय है कि बड़ी उम्र में भी मातृत्व अगर प्रदान करना हो तो भी... स्त्री की उम्र 50से ज्यादा न हो इस बात का ख़ास ध्यान रखा जाना चाहिए और यह नेक काम एक डॉक्टर ही कर सकता है!... स्त्रियों पर इस प्रकार से होनेवाला अत्याचार रोका जा सकता है!